Saturday, 4 June 2011

मन

मन जो है न बहुत चंचल है! अभी आराम से सोया है मेरे पास , छोटे से बच्चे की तरह
कभी गलियौं में भागता है , कभी पतंग की डोर के साथ एक ऊँची उड़ान तक जाता है

कभी समझाने से समझ भी जाता है मेरी बात

उसे मे सदा कहतीं हूँ, देख उसे जो मेरे साथ चलता है, बिना कुछ बोले चुपचाप मुझे देखता है,

वेसा क्यों नहीं है तू मन? जो है सब ठीक है क्यूँ नहीं समझता तू मन/

थोरा पागल है मेरा मन,

Wednesday, 1 June 2011

LIfe (Its weird)

Its weird, how life stares you in your face, and questions you and demands why you did not do it right when you had the time.
Its weird when life gives you ultimatums and tells you , this is the only time left with you, see what you can do
Its weird how life throws the only winning card it has, DEATH.
Its weird how life keeps threatening you, that if you are not a good person, you are going to get DEATH PENALITY.
I wish life was more like a friend, rather than a jailor,if only it could  talk to me sweetly, I would have happily died for it.


Monday, 30 May 2011

beautiful song by Dr. Kumar Vishvas

सातवें आसमान पर, चल ना !
चल! सितारों के जाल पर, चल ना !
दिल, बिना देवता की काशी है
जिस में हर घाट पर उदासी है
...
कुछ है चटका हुआ सा मुझ में भी
तू भी कितने जनम से प्यासी है
मेरे अश्कों के ताल पर चल ना..
सातवें आसमान पर, चल ना..
बंदिशों वाले गाँव में पल कर
यूँ रिवायत की आग में जल कर
तू ने अनगिन सितम उठाये हैं
रस्मे दुनिया की राह पर चल कर
छोड़ अब दिल की चाल पर चल ना ..
सातवें आसमान पर, चल ना.