Monday, 23 January 2012

आ गया है वापस दिल

आज जब सूरज अपने घर जा रहा था
जोर की खटखटाहट ने चौंका दिया
कितने दिनों के बाद दिखा था 
कितने दिनों  के बाद मिला था
कितनी बार समझा चुकी थी ! 
कितनी बार मना चुकी थी ! 
यह दुनिया कितनी जालिम है 
कितने किस्से सुना चुकी थी !
लेकिन मेरी उसने एक न मानी, 
मुझको अपना दुश्मन कहकर 
चला गया था  उसके पीछे 
कितनी राते बीत गयी हैं!
कितने अरसे रोते-रोते 
आज आया  है वापस दिल
आज आया है मेरा  दिल 












No comments: