Wednesday, 15 February 2012

सपने

मेरी आँखों में सपने तेरे तेरते हैं
आईना देखता है मुझे तेरे कई सवाल लिए
मेरी जुल्फ की लटों में उगलियाँ तेरी उलझी सीं हैं
मेरे जज्बात में एक नयी नमी सी है



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