Sunday, 1 July 2012

कैसी मुश्किल कर दी by Dr. Kumar vishwas

जग भर के हर आकर्षण को, मैंने आकर्षित किया मगर,
वो कौन अकेला पल था जब मैंने तुम ...को देखा पल भर,
तुम ने भी अपनी सहज दृष्टी के उजले-उजले कलशो से,
रूप-रँग-रस तरल माधुरी इन नयनों में भर दी ,
कैसी मुश्किल कर दी......

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