Tuesday, 28 August 2012

हम साथ साथ मुस्करा सकें

ऐसा कुछ भी नहीं था मुझमे की
तुम मुझे भूल न सको
पर कहीं कल अचानक कोई जिक्र हो
किसी और  की
पर तुम्हारे जेहन  में मेरी आकृति उतरे
तो मुस्करा जरुर देना
क्योकि सिर्फ इतना ही तो चाहा
था मैंने तुमसे
की कभी हम साथ साथ मुस्करा सकें .....

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