Wednesday, 12 September 2012

बादल नहीं, वो तेरा साया है।।।।।।।।

तेरी , खुशबू है हवाओं में
या फिजा ने इत्र लगाया है
आँखें बंद जो कर लूँ मैं
बादल नहीं, वो तेरा साया है।।।।।।।। (वंदना)

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