Saturday, 10 November 2012

मेरे दोस्त,

शब् के आंसू जो  कभी बह गए
लबों पे तेरी, रुके , तो हंस सके।।।
युही आंसुओ को हंसी में बदल सको तो चलो
मेरे दोस्त, दर्द की हर  दिल्लगी को समझ सको तो चलो।

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