Saturday, 14 January 2012

प्यार

और प्यार होता क्या है?
कितने जन्म  बीत गये
यह बात नहीं मैं जान सकी
प्यार दोस्ती है? प्यार धर्म है?
प्यार पूजा है?
प्यार आँखों की उलझन है?
प्यार दो दिलों की धड़कन है?
प्यार मस्त जवानी की भूख है/
प्यार रूहों  का बंधन है?
प्यार तितलियों की गुनगुन है?
प्यार थिरकते बारिश में
पागल लड़की का रोज दौड़ जाना है
प्यार उसकी याद में रोज
आह भरना है?
प्यार ,उससे लड़ना है?
या उसकी तरफदारी करना है?
प्यार जन्मो का इंतज़ार है?
या फिर मन की कोई झंकार है
प्यार मीरा में है? या मुझमे है?
प्यार कहाँ है?
प्यार किधर है?
अगर है तो मुझको दीखता क्यूँ  नहीं?
और नहीं है तो दिल तडपता क्यूँ  है ?




BEAUTIFUL POETRY FROM FILM UDDAN


जो लहरों के आगे नजरे देख पातीं
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ?
वो आवाज़ जो तुमको भी भेद जाती
तो यूं जान लेते मैं क्या सोचता हूँ?
जीद का तुम्हारे जो पर्दा सरकता 
खिड़कियों के आगे भी तुम देख पाते
आँखों से आदतों की जो पलके उठाते
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ?
मेरी तरह होता गर खुद पर भरोसा
तो कुछ दूर तुम भी साथ साथ आते
रंग मेरी आँखों का बाँटते जरा सा
नशा आसमान का जो चूमता तुम्हे
हसरते तुम्हारी नया जन्म पाती
खुद दुसरे जनम में मेरी उड़ान छूने
कुछ दूर तुम भी साथ साथ आते

Friday, 13 January 2012

न तुम जाते हो न तुम्हारी याद जाती है

यह कैसी आफत है ,की जिगर से
 न तुम जाते हो न तुम्हारी याद जाती है ,







Thursday, 12 January 2012

"आस  "की हिमाकत तो देखो
हकीकत बनना  चाहती  है......

Wednesday, 11 January 2012

मैं और तुम

दूर चिंगारी सी एक चमक
में चुपचाप से बुलाते तुम हो
बीच में आग है
धुआं है , आंसू है
तन्हाई है, याद है
रुसवाई है ,लाचार सी
मोहब्बत है
इस पार पलक के मोती को
बिखेरने से बचाते हम  हैं




Tuesday, 10 January 2012

आवारा बादल

उदास शाम ग़मगीन गगन आवारा बादल
मुझसे बेपनाह प्यार करते हैं
तू नहीं आता तो भी
मेरा हाल पूछ जाते हैं.



सपनो की दुनिया

सपनो की दुनिया के उस पार
तुम मेरी हो, तुमने कहा था
सपनो की दुनिया के इस पार
हम - तुम अकेले जी लिए......





सूरज

आज सूरज ने भी झुंझला कर कहा मुझको
वो जब आ जाये तो उठा लेना मुझको

Monday, 9 January 2012

दिल में जो उतरा है खंज़र
देखना कहीं टूट न जाए खंजर....



पीड़


पीड़ और उदासी की बात करते हो
क्या कभी मिले हो इनसे ?

Sunday, 8 January 2012

कल रात सपने में

कल रात सपने में
तुमने पूछा था मुझसे
क्या तुम्हारे सपने में आता हूँ मैं?
और मैने पलट
दिया था गीला तकिया
और कहा था,
यह तकिया गीला सा है
सब आँसूं शायद बह चुके हैं
तुम चुन लो अपने लिए
प्यार का नया तकिया
और तुम कमरे में आती
बाहर की रौशनी में
लुप्त हो गये
कल रात सपने में
तुम मुझ से दूर हो गये


























बस एक तुम नहीं हो

हर दिन के बादल
हर रोज की बारिश
हर रोज की हलचल

बस एक तुम नहीं हो

हर रोज का सूरज
हर रोज का चाँद
हर रोज के तारे

बस एक तुम नहीं हो

हर रोज वोही दिल
हर रोज वोही दर्द
हर रोज का इंतज़ार

बस एक तुम नहीं हो