Saturday, 3 March 2012

मैं और तुम

हर शाम ख्वाब, मेरे आँखों की सरहदों तक जा
दूर जाती तेरी याद को धूमिल होते देखते हैं........

Friday, 2 March 2012

401

wow 400 post welldone banna

चैन नहीं आता क्यूँ?

जो तुम नहीं आते तो
नींद नहीं आती तो
ख्वाब नहीं आते तो
चैन नहीं आता तो
ख़याल चले आते हैं
मन को मेरे उकसाते हैं
मन हर कोने में दौड़ कर
मुझसे सवाल करता है
की वो नहीं आया क्यूँ ?
नींद नहीं आई क्यूँ?
ख्वाब नहीं आये क्यूँ?
चैन नहीं आता क्यूँ?







दिन

उस दिन ,वो दिन, फिर आ ही गया
थका हारा सा , शिकायत करता
दिन की भी कोई मर्जी होती है भला
कोई कभी उसे अपना बना ले (दिन को)
कोई कभी भी उसे भुला दे
दिन चुपचाप कैलेंडर पर पड़ा रहा
बस कल के बाद मत आना तुम
बस कल के बाद याद मत आना तुम.








Monday, 27 February 2012

जिंदगी

न जिन्दा रही न मर सकी तब भी
जिंदगी रोज नये इम्तिहान लेती रही
 मैं खड़ी रही  चौराहे पर आस में तेरी
जिंदगी, रोज युहीं आँख से फिसलती रही  

आज

कुछ तो हुआ है आज भी
जो दिल ने मुझसे भी बात नहीं की.......

Sunday, 26 February 2012

न वक़्त लौटा..

इंतज़ार कर चुकी मैं 
जिंदगी बसर हो गयी है
न तुम लौटे
न वक़्त लौटा.....

सिर्फ आज रात के लिये

रात , सिर्फ आज रात के लिये
तेरी स्याही जरा उधार ले लूँ
दिल का एक कोना है जरा सुनसान सा
तेरी सिहाई से उसकी  तस्वीर बना लूँ