Saturday, 21 April 2012

तेरी याद

 धुप  जब तेरी याद लिए कमरे में आ जाती है
अक्सर मैं पर्दे से तेरी यादों को बंद करती हूँ
सूरज की किरन और गर्मी  तो बाहर ही रह जाते हैं
जाने कैसे तेरी  याद अंधेरे में भी आ जाती है????????



Friday, 20 April 2012

गम मीठा लगता है.

सुन कर मेरे गम रात भर, वो मुस्करा के बोले
और कहो न ,तुम कहती हो तो  गम मीठा लगता है.

Thursday, 19 April 2012

दिल हमारा तुमको न भूलना चाहे......

हम अपने आप को भूल जाएँ तो भी
दिल हमारा तुमको न भूलना चाहे..........

Wednesday, 18 April 2012

तुमसे कई सवाल पूछेंगी

दिखे जो दर्पण कहीं तो मुंह फेर लेना अपना
मेरा चेहरा , मेरी आँखे, तुमसे कई सवाल पूछेंगी ????

Tuesday, 17 April 2012

Monday, 16 April 2012

धरती से, जो छुए आसमां को

चलो अब देख ली दुनिया
तुम्हारी निगाहों से
हर इंसान , भाग रहा दूर
बच कर वफाओं से.....

बहुत समझा लिया मन को
लेकिन इसकी भी मजबूरी है
बहुत तडपा है तेरे बिन
मोहबत करता है यह तुझसे...

समझ सकते हो तो बस इतना  समझ लो
मेरे बिन तुम भी तड़पोगे
मिलोगे जब भी कभी
धरती से,  जो छुए आसमां को










तब हर रोज हर पल तुझे याद करुँगी मैं...

रूह की धड़कन जब तुमको याद करती है
बारहा मुझको उसे समझाना पड़ता है

तेरी याद के सिलसिले जब धूमिल हो जायेंगे
तब हर रोज हर पल तुझे याद करुँगी मैं.......

तुम भी चले आते तो कोई बात हो

जाने किस मोड़ पर फिर मिल जाएँ हम तुम
जाने किस मोड़ पर फिर वो  सुबह हो

बैठे हैं इस आस पर की तुम याद तो करो
गुजर जाएगी यह रात भी कल सुबह को

याद आता है हर रोज वो दिन वो पल छिन
तुम भी चले आते तो कोई बात हो