Saturday, 16 June 2012

हम तुम

मन के आँगन में जहाँ 
तुम -हम  रोज मिलते हैं 
तुम मुझे  "मीत" कहना
मैं तुम्हे  "नीर" पुकारूगी



Friday, 15 June 2012

Deepak chopra says


Deepak Chopra says
Understanding is the knowledge that suffering is shared by everyone. When you understand that you aren't alone in your suffering.

But my question is that knowing that other people are suffering,does it make your suffering less? Do you feel relieved? Do you feel happy that His/ her suffering is worse than mine. Do yo feel sad, that your problem is bigger than theirs... I feel the suffering whose evr it is stays there untill you yourself are ready to deal with it.

ITS JUST DEATH

I am going to stay put.
STAY PUT I SAID
almost like death,
when death has no intentions any more
no desires, no demands
just very quiet, stay there
and people pass by
they sing, they talk ,
they hush-hush, they tch-tch
but death pretends not to listen
so i am,
I am going to stay put
STAY PUT I SAID.





Thursday, 14 June 2012

मेरा साया


समेत कर तकिए को बाहों में
मेरा साया , अलसाया सा बोला
आज, तुम जहाँ को देखो, जहाँ वालों को देखो
मैं बहुत दूर तक तुम्हारे साथ चला ........

मेरे आंसू

सिमट के रह गए हैं आंसू मेरे
न जाने कब बादल उधार मांग ले।..... 

रिश्तों की मौत कई सालों में होती है

रिश्तों की मौत कई सालों में होती है
रोज सिसकते हैं कई रिश्तें
दर्द से भरे हुए अंगारों पर सोते हैं
पस  से भरे हुए कितने जख्म
इंतज़ार,इज्ज़त,प्यार
का मलहम लगा कर भी नहीं भरते
बदबू , फेलाते हैं, वो भी ऐसी
की पास पड़ोस को सुनाई नहीं देती
वो अनकही अन्त्रद्वंद जो 
हर पल हर छण गूंजती है 
वो बहरी हो उठती    है 
किस्से क्या सुनाये , कितनी यादें गिनाय 
किसको जाकर बताए
रिशतों के रिस्ते जख्म पर 
मौत के इंतज़ार में उदास खड़ी जिंदगी

Monday, 11 June 2012

amrita pritam

मैं वही हूँ

मैं वही हूँ
वो एक बूँद जो
तुम्हारी आँख के कोने में
उतर आती है
और तुम बहने नहीं देते मुझे
की कहीं खो न दो

मैं वही हूँ
वो एक एहसास
जो दिल्ली की भीड़
में गुजरते हुए किसी
बिंदास को देख तुम्हारे
ख्यालों में उतरती हूँ

मैं वही हूँ
वो एक खामोश पल
जो अपनों ,में बैठ कर
अपनी बातें करते
अचानक कह उठती है
की वो होती तो कितना हंसती