Saturday, 7 July 2012

तू भी तो मुझे भुला जरा

मेरे साथ में, तेरी याद में, वक़्त युहीं खड़ा रहा
मैं चली तो हूँ तुझे भूलने ,तू भी तो मुझे भुला जरा ......  

Thursday, 5 July 2012

नींद

चलो अब नींद को चुपके से बुलाया जाये
कहीं मालूम न हो आँखों को , की मैं सोने चली।.........

Wednesday, 4 July 2012

मैं वक़्त और तुम

अपने आँचल में छुपाती हूँ वक़्त को
जब भी खोलूंगी, वक़्त बिखर जाएगा
तेरी गलियों में ,भीड़ है, हलचल है ,आपाधापी है
वक़्त गुमशुदा है ,कहाँ जायेगा
तुमने कहा तो ,छोड़ दिया तुम तक जाना
वक़्त तो बच्चा है रूठ जायेगा
तुम ,सुनो,मुझको मना लो, प्यार करो
पछताओगे, गर ,वक़्त निकल जाएगा  


तनहा मुस्कराते हैं।......

तुम्हारी एक बात पर जानम लोग महफ़िल जमाते हैं 
एक हम हैं, की तनहा रोते हैं, तनहा मुस्कराते हैं।.........   


Monday, 2 July 2012

नींद

नींद मुझे हर रात सुबह तक जगाती है
चिड़ियों के उठ जाने पर मेरी आँखों में आती है ....

Sunday, 1 July 2012

"जाज"

"जाज" की धुन पर नाचते
मैं और तुम पूरी रात नहीं थकते
तुम्हारा चेहरा मेरे सर पर टिका है
हमने शायद नजर भर देखा नहीं है
एक दूसरे को।
कहो मेरी आँख का रंग भूरा है या गुलाबी ?
पर मेरी कमर को तुम्हारी उगलियों की
गर्मी कैसे याद है ?
गहरी साँसों की गर्मी में थिरकते होठ
व्याकुल मन को पिघलते देखते हैं
झुकी नजर से मैं अपराध को स्वकृति देती
देवी जैसी महसूस करती हूँ
तो कहो अपराध का रंग नीला है की हरा है ?
इस मदहोश नाच में , मैं और तुम
कैसे गुलाबी हो उठे हैं
आँख बंद किये मैं कुछ नहीं सोचती
कुछ भी तो नहीं कहती
सिर्फ वो "जाज" की आवाज़ सुन
मेरे थिरकते कदम
लोगों से, भीड़ से , समाज से
मीलों दूर निकल आये है
अब बस मैं हूँ और तुम हो
और हमारी साँसों में
बजती वो "जाज "की वो धुन  है 

Desire by Ryan Adams.

By Dr. Kumar Vishwas.


बस एक ये है की जीना ज़रा सा मुश्किल है,
किसी के साथ होने से छोड़ जाने से,
कोई  ये बात समझ ले की कुछ नहीं होता,
किसी के याद रखने से भूल जाने से ..."

कैसी मुश्किल कर दी by Dr. Kumar vishwas

जग भर के हर आकर्षण को, मैंने आकर्षित किया मगर,
वो कौन अकेला पल था जब मैंने तुम ...को देखा पल भर,
तुम ने भी अपनी सहज दृष्टी के उजले-उजले कलशो से,
रूप-रँग-रस तरल माधुरी इन नयनों में भर दी ,
कैसी मुश्किल कर दी......