Thursday, 19 July 2012

यह मेरे दिल की खता नहीं


तुमने जब कल मुझसे कहा "सुनो"
उसके पहले मैने कुछ सुना नहीं
मैने जब कल तुम्हे  देखा
उसके पहले मैने कुछ देखा नहीं
यह प्यार है या भ्रम है
यह जो भी है , मुझे गिला नहीं
यह तुमसे मिलने का सरुर है ?
या है यह मेरी दीवानगी ?
यह जो भी है , मुझे यकीन है
यह मेरे दिल की खता नहीं






होंसले मेरे क़ैद हैं कई जन्मो से


होंसले मेरे क़ैद  हैं कई जन्मो से
ये भी झिझकते हैं पहल करने को 
चलने को संग मेरे तैयार हैं 
मेरी तन्हाई और मेरी रुसवाई 

जिस चार दिवारी में, मैं हर दिन आबाद हुई

जिस चार दिवारी में, मैं हर दिन आबाद हुई
इस चार दिवारी में, मन अब लगता नहीं है
खोल के पंख अब उड़ सकूँ आकाश में
चिड़ियों  के पंख घर  बैठ कर तो  गिनते नहीं है








आज फिर कहा है प्यार तुमने

आज फिर कहा है प्यार तुमने
आज फिर सुना है प्यार हमने
दुनिया वालों को छोड़ो, जलतें हैं वो
आज फिर जिया है प्यार हमने।



Wednesday, 18 July 2012

दिल

न उनको भूल जाना है 
न उनको याद रखना है
यह दिल की आजमाइश है
जो जिंदगी भर आजमाना है 

Tuesday, 17 July 2012

मासूम ख्वाइश

हाँ अब दूर निकल आई हूँ तुमसे
तुम्हारे अंदर जैसे कैद थी मैं
अपनी मासूम ख्वाइशों
चौराहे के चादर पर पसार दिया है मैने
की शायद थोड़ी धुप लगे या थोड़ी हवा लगे
मनहूस सी कोई गंध निकल जाए
मेरे अरमानो से
और मैं बचा सकूँ अपनी बची हुई हस्ती
जो पल पल घुट घुट कर मरती जा रही थी


मैं और तुम

हम आपके नज्मो से कुछ शेर चुरा लें तो
हम आपको अपनी आँखों में छुपा लें तो 
मालूम है की मिलती है मोहब्बत किस्मत से 
हम आपको अपनी किस्मत बना लें तो