Friday, 17 August 2012

हाँ कितने प्यार से बुलाती है जिंदगी

हाँ कितने प्यार से बुलाती है जिंदगी
पर  उतने ही प्यार से बुलाती है मौत भी ....

Wednesday, 15 August 2012

और फिर "आज" मर जाता है

अलसाई शाम ढलने से पहले
गुलाबी ओढ़नी लिए दबे पाँव
रात के सिरहाने बैठती है
चाँद भी कुछ संकुचाया सा
थोडा शरमाया सा ,बादलों
की ओट से निकलता है
पंछी  अपनी धुन में गीत गाते
डूबते सूरज की स्याही में
अपने घर को उड़ रहे हैं
मैं भी अब कुर्सी पर आधी जगी
आधी सोयी सी
बंद होती पलकों से
उस लम्हे को गुजरते हुए देखती हूँ
जिसका  नाम "आज" है 
"आज" जाने से पहले
मेरी आँखों मे अपना प्रतिबिम्ब देखता है
उसे मालुम है फिर कभी मेरी आंखे
उसे नहीं देख पाएंगी और वो भी
कभी मुझसे मिल नहीं पाएगा 
बिछड़ जाने की विचलित सी अनुभूति
में हम दोनों एक सी पीड़ा जी लेते हैं
और फिर "आज" मर जाता है
और मैं सो जाती हूँ .....





Tuesday, 14 August 2012

सुबह उठी हूँ तो चौंका दिया एक ऐसे एहसास ने

सुबह उठी हूँ तो चौंका दिया एक ऐसे एहसास ने
की आज सदिओं बाद तुम नहीं आए हो मेरे ख्वाब में ...

Happy Independence Day

वो हवा में जो थोड़ी  महक सी है
वो घटा में जो थोड़ी  धनक सी है
वो जो भीड़ है , उस भीड़ में
एक अजीब  अपनी पहचान सी है
वो सारे जहाँ में मिलता नहीं
माँ के गोद सी  महफूज तो है
यह मेरा देश है इस बात का
मुझे फक्र भी है , मुझे यकीन भी है.  

Monday, 13 August 2012

वो जो कुछ पल हमने मांग लिए थे वक़्त से

वो जो कुछ पल हमने मांग लिए थे वक़्त से
वक़्त ,उन लम्हों का हमसे हिसाब मांगता है....

कैसे कह दूँ वक़्त से की भुला देंगे वो पल
दिल , हर वक़्त उन पलों में जीना चाहता  है ....

न जान सकी मैं तुझको न पा सकी खुद को
ये दिल न जाने क्यूँ ,खोया -खोया सा रहता है