Thursday, 21 February 2013

मैं खुद में  मैं हूँ ,और खुदा  मेरा

तुम्हे बताऊँ मैं किस्सा दिल का
नहीं समझते हो तुम ये सौदा दिल का

फ़कत  लैला- मजनू को पढने वालों
मेरा दिल घरोंदा है दर्दे जहाँ का

न कोई मजनू है न फरहाद मेरा
मैं खुद में  मैं हूँ ,और खुदा  मेरा








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