Friday, 22 March 2013

एक आस है,जो जीती है, मरती रहती है 

रौशनी जलती है सूरज भी जला जाता है
चांदनी चिढ़ती  है, चाँद भी  चुभा जाता है

तेरे आने और मुझसे मिलने के बीच
एक आस है,जो जीती है, मरती रहती है 


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