Wednesday, 30 January 2013

दोस्ती

इसलिए क्यूंकि दोस्ती रिश्ता है जज्बात का
इसलिए क्यूंकि दोस्ती रिश्ता है अहसास का
दोस्ती का सिर्फ एक ही महजब  है
रूह से महसूस करती है,रिश्ते और रिवाजों का क्या???  (वंदना)




रूह

आज दोजख तो झेलना होगा
रूह की सकून के वास्ते .....

Monday, 28 January 2013

500 blogs

wow, 500 blogs, well done banna.

सपने


मैं थकती पलकों से उतर  कर सपने में घूमा करती हूँ
जब चाँद सो जाता है ,तो तारे अक्सर गीत सुनाते हैं।।।।



नायिका


अपने जीवन की कहानी में  
शुरू से ही नायिका मैं  हूँ 
किस्से जुड़ेंगे मेरे साथ,
और अलग भी  होंगे 
कुछ नियति से, कभी निति से 
और मैं कुछ नहीं  कहूँगी 
हर छोटी ,बड़ी कहानी की अपनी चाह होती है 
और चाहतो से टकराना तो जीवन नहीं 
मेरा जीवन है,  मेरे हिस्से की कहानी
जो जुडती है ,मिलती है,  बिखरती है
हंसती -रोती  भी रहती हैं
अपने हर किस्से को जहन में रखती हूँ
अपने आसुओं के झलकते प्रितिबिम्ब
से उसे  गिरने  भी नहीं देती
अपने ठहाकों के शोर में
दबने भी नहीं देती
अपने जीवन की कहानी में  
शुरू से  ही नायिका मैं हूँ 
और  हाँ अंत तक रहूंगी भी .......




Sunday, 27 January 2013

बैचैन रूह


मसरूफ दुनिया के मुसाफिर अक्सर भूल जाते हैं
रूह कितनी बैचनी से  दिन रात किया  करती है।