Wednesday, 13 February 2013

बस एक अधूरापन है दिल को

बस एक  अधूरापन  है दिल को
बस आस लगाए बैठा है
जीवन के जर्जर सीवन को
बस रफू लगाता रहता है
एक बखिया,उधेरा तुम्हारी याद का
कभी फिर  बुना फ़रियाद का
कभी आँख मूंद के पा लिया
कभी सपनो में तुमको खो दिया
बस तुम तक पहुँच सके धरकन
हाँ इसी तलाश में रहता है
बस एक  अधूरापन  है दिल को
बस आस लगाए बैठा है

Randomites kuch yun hi.......


हाँ दिल को छूते थे तुम पर अक्सर भूल जाते थे 
बिखरे दिल बड़ी मुश्किल से सम्भाले जाते   हैं

वो कल जो तुमने लिखी थी कुछ  प्यार भरी  बातें
किताबों से उतर कर पंक्तियाँ , तितलियाँ बन बैठी

सुनो, बड़ी मुददत से एक बात कहनी थी तुमसे
छोड़ो ,जाने दो  अगले जन्मों  में  कह  दूँगी


 

Monday, 11 February 2013

मन तो करता है न

मन तो करता है न
की चाँद को छू सकती मैं
मन तो करता है न
दो -तीन दिन तेरे दिल में रह सकती मैं
मन तो करता है न
दुनिया की रिवाजों से परे
चैन से जी सकती , चैन से मर सकती मैं
मन तो करता है न
दिल के अधूरेपन  को
कभी कभी पूरा कर सकती मैं
मन तो करता है न
कभी तेरे होने या न होने को
कभी खुद को खुद में ही  तलाशती मैं