Friday, 24 May 2013

तुझसे उलझ गया 


इस उलझन भरी दुनिया में
तेरी सुलझी हुई प्रीत है 
तेरी सुलझी हुई प्रीत में 
मन मेरा कैसे तुझसे उलझ गया 

Monday, 20 May 2013

बड़ी मुश्किल से सुलाया है,


खून का कतरा है , दिल से बहा जाता है 
तुझसे लिपट कर ,रोने को दिल चाहता है 

मैं जो बर्बाद रहूँ दिल भी आबाद क्यूँ हो?
रह रह कर यूँ , तू मुझको याद आता है 

दिल है नादान, इसका तो कसूर भी नहीं 
बदलती है दुनिया, यह सहमा खड़ा रह जाता है 

अब न लौट कभी , न मेरी यादों में  ही आ 
दिल को समझा कर बड़ी मुश्किल से सुलाया है,




Sunday, 19 May 2013

चाँद



आज फिर देर तक जगना चाँद 
आज फिर उदास सितारों ने घेरा है.