Saturday, 1 June 2013

जाने कौन? कब? किधर से गया है ??????

कब से है, खामोश, फिजा चाँद और तारे भी मौन हैं
यह महिना भी धीरे से मुहँ छुपाए उतर सा गया है
मेरे मन में एक अजीब सी खलबली मचा कर
जाने कौन?  कब? किधर से गया है ??????

Tuesday, 28 May 2013

प्रक्रति का नियम

डाल से टूट कर गिरा आम का पीला पत्ता
प्रक्रति का नीयम है यह , पापा ने कहा था

लगाता है माली, छोटे से पौधे को
अपने ही छोटे से बगीचे में
और फिर दे देता है जमाने को
की किसी और की धुप में खिले
पलती है कहीं, बढती  हैं कहीं
और लोग आने- जाने में
कभी रुक कर कभी चल कर
कभी उस एक पीपल के पेड़ तक
बस उस एक पीपल के पेड़ तक और
आते जाते , कभी रुकते, कभी थकते
मंजिल तक पहुचने की धुन में
भूल जाते हैं उस पौधे को जो
कई बार, घर ,आँगन महकाती
खुद ही अपना गंध भूल जाती है
और जब लोग  अपनी निरंतर यात्रा से थक जाते हैं
तो युहीं  आदतन लौटते  घर के पौधे को यह कह कर समझाते हैं
की अभी उनको और दूर जाना है
की अभी उनको वापस नहीं लौटना
घर के आँगन में फैला हुआ पौधा जड़ों समेत,
झड़ते हुए पतों को समेट
मन को यह कह कर समझाती है
की प्रक्रति का नियम है यह पापा ने कहा था

डाल  से टूट कर गिरता है जब पीला पता
प्रक्रति का नियम है यह, समझती है अब