Tuesday, 11 June 2013

तन्हाई

"तन्हाई" बड़ी लाचारी में  मेरे पास आई है
मेहमान बनी है मेरी , घर से निकालूँ  कैसे?

Monday, 10 June 2013

तलाश (randomites)



जब जान जाउंगी खुद की मंजिल मैं
साथ तुमको भी ले जाऊं शायद

इंतज़ार करती रही उम्र भर लेकिन
दिल ने फिर कभी मुझसे बात न की

लगता था डर मुझे अंधेरे से
अँधेरा खुद भी रौशनी से डरा डरा सा  मिला

अदावत कर ली दुनिया की बनावट से
चलो अब चिडयों के घर में बसेरा बनाएं

मौत आती नहीं, जिंदगी जाती नहीं
रूह युहीं ठहर ठहर के बेज़ार हुई