Friday, 6 December 2013

randomites just yunhi

कैसा आलम है कि तन्हाई भी
शराब पीती है तनहा होने  के लिए

एक ही घर है और घर कि छत  भी एक  है
कैसे जी लिए हम=तुम   दो मकानो में

मिलता जो  दिल  दूकान में कहीं
खरीद लाते हम, जमाने  भर  के लिए 

My brain goes HMMMMMMMM

wow, the wine make my brain
go  hmmmmmmmmmmmmm
it sings and dance on it own
and my fingers have the brain
of their own
but my heart... oh my poor poor heart
it tells GOD (if there is one)
Please preety please
Its enough for ME
Please preety please
send your cruel Yamraj (if there is one)
Please preety please
take me away
when I am still young.
AM I STLL YOUNG?????
My brain goes HMMMMMMMM
 

Thursday, 5 December 2013

हौले से खटकाया है

झुंझला के बादल ने
खिसला के चंदा ने
तारों  का  जाल बिछाया है 

तेरा पता पूछने को
मेरे दिल के एक  कोने को
 किसी ने हौले से खटकाया है

 

Wednesday, 4 December 2013

दिल

टुटा तो है और अब बिखर जाएगा
दिल ही तो है,कोई बड़ी बात नहीं 




 

Tuesday, 3 December 2013

सुनहरे सिक्के के दो रंग

हर एक सिक्का है दो तरफ़ा

एक  है रंग सुन्हरा
दूसरा  मुझे दीखता नहीं
एक है सोंच मेरी
दूसरी मैने सोची नहीं
एक में अक्स मेरा झलकता है
दूसरा बेबाक जहन में कहीं रहता है
एक है दुनिया और दुनिया के दस्तूर कई
दूसरा बेबात, बे मतलब जिया जाता है

हर एक सिक्का है दो तरफ़ा