Saturday, 22 February 2014

धूप

दीवार पर धूप जब बिखरती है
थोड़े से सहारे के लिए
खुद की  गर्माहट से
दीवार की शीत को ढकती है
और फिर
एक पल या दो पल को
धूप  की आँख लग जाए
और सांझ हो जाए
तो शायद वहीँ दीवार पर
सरसराती  पुरवाई ओढ़े
धूप  सो जाए एक दिन के लिए 

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