Monday, 18 July 2016

फिर तेरी याद आ रही है मुझको

फिर तेरी याद आ रही है मुझको
फिर अश्को मेँ छुपाया है तुझको

फिर युहीं हवा का झोंका भी
गीत तेरे सुनाता है मुझको

फिर युही चाँद बादलों में छुप छुप कर
मेरी  छत से पुकारता है तुझको

फिर तेरी याद आ रही है मुझको
फिर अश्को मेँ छुपाया है तुझको



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